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Showing posts from April, 2018

फलों का फटना

खेती के बाद बागवानी किसानों की आय का एक बड़ा ज़रिया है। देश में बागवानी का क्षेत्रफल बढ़ रहा है लेकिन साथ ही फल उत्पादकों के सामने कई समस्याएं भी हैं। देश में फल उत्पादक किसानों के सामने फलों के गिरने और फटने की समस्या आम होती जा रही है,ख़ासकर आम,अनार,लीची,अंगूर,नींबू,संतरा और चेरी में ये समस्या ज्यादा देखी जा रही है। वहीं सब्जियों में टमाटर में ये समस्या अधिक होती है। इसे हल्के में लेने वाले किसानों को इस बात का पता भी नहीं चलता, कि इस कारण उनकी उपज में कितनी गिरावट हुई है।  दरअसल फल के गिरने और फटने की समस्या से 25 प्रतिशत से लेकर 85 प्रतिशत तक फल नष्ट हो सकते हैं।
फल फटने से बड़ा नुक़सान  सब जगह फलों का गिरना फटना, 25-85 फीसदी तक नुकसान समस्या का कारण  बागवानी में फलों के फटने या गिरने की समस्या के कई कारण हैं। <<प्राकृतिक कारणों में तापमान ज्यादा, नमी और बारिश कम होना और साथ ही गर्मी में लू या गर्म हवा मुख्य कारण हैं। जबकि कुछ प्रजातियों में भी ये समस्या आती है। बगान का सही प्रबंधन ना किया तो भी दिक्कत हो सकती है। इसमें सिंचाई का संतुलित और लगातार प्रबंध ना कर पाना। जैसे अगर …